दादरी में दहशत, एक ही पैटर्न पर फायरिंग की पांच वारदातें

दादरी में दहशत, एक ही पैटर्न पर फायरिंग की पांच वारदातें

दिल्ली एनसीआर के ग्रेटर नोएडा के दादरी इलाके में कुछ लोग बाइक से आते हैं और रात के अंधेरे में एक समुदाय के लोगों को लगातार गोलियां मार रहे हैं. पिछले एक महीने के अंदर पांच घटनाएं हुई हैं जिनमें पांच लोग घायल हुए हैं. एक शख्स बाल-बाल बच गया. सवाल ये है क्या कोई माहौल खराब करने की कोशिश कर रहा है?

57 साल के फ़ैयाज़ अहमद पेशे से दर्जी फ़ैयाज़ 10 जुलाई को रात करीब 10:30 बजे अपने घर लौट रहे थे, तभी दादरी मेन रोड पर बाइक पर आए 2 लोगों ने पीछे से आकर उनकी कमर के पीछे गोली मार दी. एम्स में इलाज कराने के बाद फ़ैयाज़ अपने घर पहुंच चुके हैं, लेकिन गोली अब तक उनके जिस्म में फंसी हुई है. फ़ैयाज़ के पास पैसे भी थे लेकिन उन्हें नहीं लूटा. उनका कहना है कि उनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं है. कोई है जो दो समुदायों के बीच माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहा है.

इसी इलाके में रहने वाला 14 साल का फैज़ान 12 जुलाई को अपने पिता की मीट की दुकान से लौट रहा था. दादरी मेन रोड पर रात करीब 9 बजकर 40 मिनट पर बाइक पर सवार 2 लोग पीछे से आए और उसकी कमर के पीछे गोली मार दी. इस 14 साल के बच्चे की किसी से क्या दुश्मनी होगी? मोहम्मद फैज़ान के मुताबिक वे लोग बाइक पर सवार थे और गोली मारने के बाद अंधेरे में तेज स्पीड से निकल गए. फैज़ान के पिता निज़ामुद्दीन के मुताबिक उनकी या उनके बच्चे की किसी से कोई रंजिश नहीं है. फैज़ान अब खतरे से बाहर है और अपने घर पर है.

दादरी के ही नई आबादी इलाके के रहने वाले 30 साल के शौकीन का परिवार बेहद गरीब है. शौकीन का 4 भाईयों का परिवार है और सभी मज़दूरी करते हैं. शौकीन 22 जुलाई को अपना मोबाइल रिचार्ज कराने के बाद लौट रहे थे कि तभी बाइक पर सवार तीन लड़के आए और रात करीब 9 बजे औरों की तरह उनकी कमर में गोली मार दी. शौकीन ठीक से बात नहीं कर पा रहा. उसका इलाज पूरा करने की बजाय उसे अस्पताल से पहले ही घर भेज दिया गया. उसके शरीर में ज़ख्म का निशान साफ दिख रहा है, जिस पर मक्खियां भिनभिना रही थीं. उसका इन्फेक्शन लगातार बढ़ता जा रहा है.

समाजवादी पार्टी के नेता नवीन भाटी का कहना है कि दादरी में हिन्दू और मुस्लिम समुदायों के लोग रहते हैं लेकिन यहां कभी कोई दंगा नहीं हुआ. अब कुछ वोट के भेड़िए वोट पाने के लिए दोनों समुदायों को लड़ाने की साज़िश कर रहे हैं. इसी इलाके के रहने वाले याकूब मालिक का कहना है कि ये कोई सिरफिरा इंसान नहीं करता अगर वो करता तो किसी एक समुदाय के लोगों को ही गोली नहीं मारता, सबको मारता. इसके पीछे जो भी हो लेकिन वह माहौल खराब करने के अपने मंसूबे में कामयाब नहीं हो पाएगा.

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