Atal Bihari Vajpayee, former prime minister and BJP stalwart, has been put on life-support system

JNU ने भी बदला नाम, अब वाजपेयी के नाम पर होगा मैनेजमेंट कॉलेज

 

JNU New Delhi: पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर देशभर में कई संगठन और संस्थाएं उनके नाम पर अपने संस्थाओं के नाम रखकर अपने-अपने स्तर पर श्रद्धांजलिदे रहे हैं. इन्हीं में नया नाम शामिल हो गया दिल्ली के प्रतिष्ठित जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) का जिसने अपने सबसे नए इंस्टीट्यूट का नाम वाजपेयी के नाम पर रखने का फैसला लिया है.

गुरुवार को जेएनयू की 275वीं कार्यकारी समिति की बैठक में लिए गए फैसलों में सबसे अहम फैसला था स्कूल ऑफ मैनेजमेंट एंड एंटरप्रेन्योशिप का नाम बदलने का. जेएनयू में 2019-20 के सत्र से मैनेजमेंट स्कूल शुरू होने वाला है.

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को भावभीनी श्रद्धांजलि दी और स्कूल ऑफ मैनेजमेंट एंड एंटरप्रेन्योशिप का नाम बदलकर अटल बिहारी वाजपेयी स्कूल ऑफ मैनेजमेंट एंड एंतरप्रेन्योशिप रखने का प्रस्ताव पेश किया गया जिसे मंजूरी मिल गई.

इसके अलावा बैठक में यह भी फैसला लिया गया कि सभी रेगुलर स्टाफ के लिए उपस्थिति अनिवार्य होगी. साथ ही बैठक में यह भी फैसला लिया कि मानव संसाधन मंत्रालय (एचआरडी) की नई फंडिंग स्कीम के तहत ‘हायर एजुकेशन फंडिंग एजेंसी’ से फंडिंग के लिए अप्लाई किया जाएगा.

इससे पहले वाजपेयी के निधन के बाद छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार कई संस्थाओं और जगह के नाम वाजपेयी के नाम पर रखने का ऐलान कर चुकी है.

छत्तीसगढ़ की नई राजधानी नया रायपुर का नाम अब ‘अटल नगर’ कर दिया गया तो अभी तक बिलासपुर यूनिवर्सिटी के नाम से जानी जाने वाली सेंट्रल यूनिवर्सिटी अब ‘अटल बिहारी वाजपेयी यूनिवर्सिटी’ के नाम से जानी जाएगी.

इसके अलावा राज्य के मुख्यमंत्री रमन सिंह के गृह नगर स्थित राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज का नया नाम ‘अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल कॉलेज’ कर दिया गया. इसके अलावा बीजेपी ने राज्य की लगभग 10 हजार ग्राम पंचायतों में अटल चौक के निर्माण का फैसला लिया है